Thursday, April 15, 2021

पाक संसद में इमरान की किरकिरी, सांसद बोले- ‘आज कर्ज के कारण जहाज रोका, कल पीएम को ही रोक लेंगे!’

कंगाली में आटा गीला होना मुहावरा शायद पाकिस्तान (Pakistan) के लिए ही बना था, और शायद ये कथन भी कि जरूरत के वक्त ही पता चलता है कि कौन अपना है और कौन पराया. दरअसल पाकिस्तान के सहयोगी राष्ट्र मलेशिया (Malaysia) ने उसका साथ छोड़ दिया है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की बेइज्जती हो रही है. पाकिस्तान की सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के एक बोइंग 777 यात्री विमान को मलेशिया ने जब्त (Malaysia seizes PIA flight) कर लिया है.

यह विमान लीज पर लिया गया था और पैसा नहीं चुकाने पर विमान को जब्‍त कर लिया गया. क्‍वालालंपुर हवाई अड्डे पर घटना के समय विमान में यात्री और चालक दल सवार था, लेकिन उन्‍हें बेइज्‍जत कर उतार दिया गया. पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस ने एक ट्वीट कर बयान जारी करते हुए कहा कि पीआईए की एक एयरलाइन को मलेशिया की स्थानीय अदालत ने वापस मंगवा लिया है. यह एकतरफा फैसला है. यह विवाद पीआईए और अन्य पार्टी के बीच लंदन की अदालत में लंबित है.

गफूर हैदरी ने किया इमरान सरकार का अपमानपाकिस्तान के लिए इतनी बेइज्जती काफी नहीं थी कि वहां की संसद में भी विपक्षी दल के सांसद ने पाक सरकार और प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को आड़े हाथ ले लिया. पाकिस्तान संसद में तमाम सांसदों की मौजूदगी में सांसद गफूर हैदरी (Abdul Ghafoor Haideri) ने इमरान खान पर जोरदार हमला बोला. कर्ज़ न चुका पाने पर मलेशिया में पाकिस्तान एयरलाइंस को रोके जाने पर इमरान को घेरे में लिया गया.गफूर हैदरी ने कहा- “आज मलेशिया ने हमारा जहाज कर्ज की वजह से रोक लिया, कल अगर किसी एयरपोर्ट पर कर्जों के बदले प्राइम मिनिस्टर को रोक लिया गया तो क्या होगा! और वो रोकेंगे, जब आप कर्ज वापस नहीं करेंगे तो वो रोकेंगे. ये कितनी रुसवाई और शर्मिंदगी की बात है. मलेशिया जो हमारा दोस्त है, इस्लामी मुल्क है, वो अगर मजबूर होकर हमारा जहाज रोकता है तो वो कल प्राइम मिनिस्टर को भी रोक लेगा.”

लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ
पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति ऋण पिछले वित्त वर्ष के अंत में 28 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 53 हजार 689 रुपये हो गया. यानी पाकिस्तान में पैदा होने वाला व्यक्ति एक लाख 53 हजार 689 रुपये का कर्ज लेकर पैदा हो रहा है. यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने नेशनल असेंबली को देते हुए कहा कि सभी बजट रणनीतिक लक्ष्य से चूक गए हैं, जिसकी वजह से सार्वजनिक ऋण तेजी से बढ़ गया है. अपनी वार्षिक राजकोषीय नीति 2019-20 में वित्त मंत्रालय ने बताया कि उसका मौजूदा व्यय साल 2018-19 में 19 साल के उच्चतर स्तर पर रहा.

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